राज्य-रक्षण का अपूर्व प्रकल्प ‘बलवन्तसिंहपुत्रजन्ममहोत्सव’ नाटक

Authors

  • महेशचन्द गुर्जर Author

Keywords:

वेङ्कटेश्वरशास्त्री, बलवन्तसिंहपुत्रजन्ममहोत्सव, भरतपुर, नाटक

Abstract

श्री वेङ्कटेश्वरशास्त्री द्वारा रचित ‘बलवन्तसिंहपुत्रजन्ममहोत्सव’ पाँँच अङ्कों का एक अप्रकाशित नाटक है। इसे सन् 1851 ईस्वी में लिखा गया था। इसकी एकमात्र पाण्डुलिपि राजकीय संग्रहालय भरतपुर के स्टॉक रजिस्टर क्रमाङ्क 05 पर उपलब्ध है। पाण्डुलिपि की अन्य प्रति का अभाव है। इसके लेखक मूलतः दक्षिण भारत में रामेश्वरम् के निवासी थे। नाटक के नायक भरतपुर के जाट राजा बलवन्तसिंह है। इतिहास में इनका शासन काल 1825 से 1852 ई तक माना गया है। भरतपुर राजस्थान के इतिहास से सम्बन्धित यह राजनैतिक घटना प्रधान नाटक है, जो कि अपने राज्य की रक्षा का एक अपूर्व एवं सफल प्रयास कहा जा सकता है। इस नाटक को सम्भवतया अंग्रेजों को प्रभावित करने के लिए लिखवाया गया था। चूँकि तत्कालीन अंग्रेजों की यह नीति थी कि जिस राजा के औरस पुत्र नहीं होता था, ऐसे राज्य को ‘खालसा’ घोषित कर अपने राज्य में मिला लिया जाता था। बलवन्तसिंह के भी कोई सन्तान नहीं थी। अतः उन्होंने अपने प्रिय एवं आत्मीय परम हितैषी गुर्जर धाऊ गुलाब सिंह से मन्त्रणा कर उनके यहाँ जन्मे पुत्र को अपने पुत्र के रूप में प्रचार प्रसारित करवाया, ताकि अंग्रेज शासकों तक यह समाचार पहुँच सके कि बलवन्तसिंह के पुत्र पैदा हो गया है। पुत्रजन्ममहोत्सव के माध्यम से बलवन्तसिंह के पुत्रजन्म के अभीष्ट प्रचार प्रसारित कराने में नाटक पूर्ण सफल सिद्ध हुआ है। अन्ततोगत्वा बलवन्तसिंह के पुत्र रूप में जसवन्त सिंह के सिद्ध हो जाने से भरतपुर राज्य की राजलक्ष्मी अंग्रेजी शासन में विलय होने से सुरक्षित हुई व सुस्थिरता को प्राप्त हो गई थी।

Author Biography

  • महेशचन्द गुर्जर

    प्रधानाचार्य

    राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय

    नगलातुला, भरतपुरम्, राजस्थान

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Published

2024-12-31

Issue

Section

शोधपत्र

How to Cite

गुर्जर महेशचन्द. 2024. “राज्य-रक्षण का अपूर्व प्रकल्प ‘बलवन्तसिंहपुत्रजन्ममहोत्सव’ नाटक”. Pratnakīrti 5 (2). https://ojs.sangamjournals.org/index.php/Pratnakirti/article/view/4.

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