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शीघ्र प्रकाशन – प्रत्नकीर्ति, खण्ड 6, अंक 1 (2025)
हमें यह बताते हुए अत्यन्त हर्ष हो रहा है कि प्रत्नकीर्ति: पियर-रिव्यूड जर्नल ऑफ़ इंडोलॉजिकल स्टडीज़ का वर्ष 2025 का प्रथम अंक (खण्ड 6, अंक 1) शीघ्र ही प्रकाशित होने जा रहा है।यह अंक हमारी उस परम्परा को आगे बढ़ाएगा जिसमें संस्कृत, प्राचीन भारतीय इतिहास, पुरातत्त्व, दर्शन, भाषाविज्ञान और सम्बद्ध विधाओं पर उच्चस्तरीय, समीक्षित एवं मौलिक अनुसंधान प्रकाशित किए जाते हैं। इस अंक में स्थापित विद्वानों तथा उभरते हुए शोधकर्ताओं दोनों के लेख सम्मिलित होंगे।
आगामी अंक की प्रमुख विशेषताएँ
- शास्त्रीय ग्रन्थों और परम्पराओं पर शोध लेख
- पुरातत्त्व, अभिलेखशास्त्र और सांस्कृतिक इतिहास पर अध्ययन
- हाल ही में प्रकाशित विद्वत् ग्रन्थों की समीक्षाएँ
- हिन्दी, संस्कृत एवं अंग्रेज़ी में प्रस्तुत योगदान
हम विद्वानों, शोधार्थियों एवं जिज्ञासु पाठकों से आग्रह करते हैं कि इस आगामी अंक का अध्ययन कर इसकी शैक्षिक एवं विद्वत्तापूर्ण सामग्री से लाभान्वित हों।
आधिकारिक प्रकाशन तिथि शीघ्र सूचित की जाएगी।